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हर्निया ऑपरेशन के बाद सावधानियां । Recovery Tips After Hernia Surgery in Hindi

हर्निया ऑपरेशन के बाद सावधानियां । Recovery Tips After Hernia Surgery in Hindi । हर्निया का ऑपरेशन कैसे होता है

हर्निया का ऑपरेशन कैसे होता है यह सवाल अक्सर हर्निया से  बीमार पीड़ित  आता है।  हर्निया यह ऐसी बीमारी है जो पेट के अंग, स्नायु तथा मांसपेशियां मैं ढीलापन  की वजह से  निर्माण होती है। यह  मांसपेशियां  पेट  मैं आंत की दिवाल को फाड़कर ढीली जगह से बाहर आने की कोशिश करती है जिस पर ध्यान न देने से हर्निया बढ़ने की संभावना होती है।  हर्निया की पहचान  शुरुआत में नाभि के पास तथा जांघों के भाग में छोटी सी गांठ  के रूप में दिखाई देती है और शरीर का वह हिस्सा दर्द करने लगता है। इसके अलावा यह गांठ दिन प्रतिदिन बढ़ाती रहती है।  यदि ऐसी समस्या है तो डॉक्टर द्वारा जांच करके अल्ट्रासाउंड और सिटी स्कैन द्वारा  शरीर में हर्निया की बीमारी का पता किया जा सकता है। हर्निया ऑपरेशन के बाद सावधानियां बरतनी होती है जो आज हम इस पोस्ट के माध्यम से बताएंगे।  यदि आपका हर्निया का ऑपरेशन हुआ है तो नीचे बताई गई hernia operation ke baad savdhaniya  को ध्यान में रखें और उसका पालन करें ताकि हर्निया दुबारा होने का खतरा ना रहे।

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हर्निया का ऑपरेशन कैसे होता है


    हर्निया का ऑपरेशन कैसे होता है ?

    हर्निया होने के बाद अक्सर मरीज को हर्निया का ऑपरेशन कैसे होता है तथा हर्निया का सफल इलाज क्या है? यह सवाल आता है। हर्निया यह शरीर के किसी अंग में  दोष (Defect)  के कारण होने वाली बीमारी है, जो  केवल ऑपरेशन द्वारा ठीक की जा सकती है। हर्निया ऑपरेशन के दो प्रकार होते हैं "लेप्रोस्कोपिक सर्जरी और ओपन हर्निया सर्जरी" (Laparoscopic surgery and open Hernia surgery)। ओपन हर्निया सर्जरी में  आंत को काटकर छेद की  दिवाल पर टांके (stitches) लगाकर जाली (Hernia Net) बिछाई जाती है। जिसके कारण अतिरिक्त मांसपेशियों का बढ़ना कम हो जाता है। इसके अलावा आज के आधुनिक तंत्रज्ञान की मदद से लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की जाती है जिसमें दूरबीन के द्वारा ऑपरेशन किया जाता है।  लेप्रोस्कोपिक सर्जरी में आंत की  दीवाल को बिना काटे छोटे-छोटे छेद की सहायता से जाली को बिछाया जाता है और अतिरिक्त मास को बढ़ने से रोका जाता है।  ओपन सर्जरी के मुकाबले लेप्रोस्कोपिक सर्जरी का दर्द कम रहता है। ज्यादातर डॉक्टर  लेप्रोस्कोपिक सर्जरी करना बेहतर मानते हैं क्योंकि इसमें हर्निया के मरीज को दर्द की संभावना कम होती है। हर्निया का ऑपरेशन के लिए लगभग 1  घंटे का समय  लगता है और अगले दिन  मरीज को अस्पताल से डिस्चार्ज दिया जाता है। जिसके बाद कुछ सावधानियों का ध्यान रखना बेहद जरुरी है तो आइये जानते है हर्निया ऑपरेशन के बाद सावधानियां के बारे में ताकि हर्निया जल्दी ठीक होने में मदत मिल सके.

    हर्निया के ऑपरेशन में कितना टाइम लगता है? यह सवाल अक्सर पूछा जाता है, आपको बता दे हर्निया का ऑपरेशन यह बेहद साधारण सर्जरी है जो लगभग आधे से 1 घंटे में पूरी हो जाती है। इसके आलावा ज्यादातर मामलो में यह सर्जरी 100% सफल पाई गई है हर्निया जैसी समस्या ज्यादातर छोटे बच्चों में  पाई जाती है, जिस पर उचित समय पर ध्यान देने से हर्निया का समाधान किया जा सकता है।


     हर्निया ऑपरेशन के बाद सावधानियां । Recovery Tips After Hernia Surgery in Hindi

    हर्निया का ऑपरेशन कैसे होता है यह आप जान चुके है परंतु हर्निया के ऑपरेशन में लगाए गए टांके सुरक्षित रहने के लिए हर्निया ऑपरेशन के बाद सावधानियां बरतना जरूरी होता है। हर्निया सर्जरी में  आंत पर  बिछाई गई जाली को  ठीक तरीके से जमने के लिए 3 से 4 महीने का समय लगता है, इस दौरान किसी भी प्रकार की अनावश्यक गतिविधि ना  हो इसका ध्यान रखना बेहद जरूरी है। इस पोस्ट के माध्यम से हर्निया ऑपरेशन के बाद क्या खाना चाहिए और क्या नही खाना चाहिए  तथा  हर्निया ऑपरेशन के बाद कौन सी सावधानियां का पालन करें यह बातें बताई गई है। हर्निया सर्जरी के बाद यह 11 सावधानियों का पालन करें पूरा पढ़े. 

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    हर्निया ऑपरेशन के बाद सावधानियां

    1. भारी सामान ना उठाएं

    ऑपरेशन के बाद लगभग  5 से 6 महीने 7 से 8 किलो  से ज्यादा वजन ना उठाएं।  इसके अलावा  4 से 5 महीने जिम जाना बंद करें।  भारी वजन उठाने से शरीर की मांसपेशियों में तनाव उत्पन्न होता है  जिसका प्रभाव पेट के टांके पर गिरता है और वह निकलने की संभावना बढ़ जाती है जिसके कारण  पेट में बिछाई गई जाली खिसकने की संभावना  रहती है। लगभग 5 से 6 महीने के पेट की आंत  जाती है जिसके बाद आप जिम और एक्सरसाइज करना शुरू कर सकते हैं। 


    2. पेशाब और टॉयलेट में जोर ना करें 

    ऑपरेशन के बाद अक्सर लोग कुछ अनुचित पदार्थों का सेवन करते हैं जिसके कारण  पाचन तंत्र  खराब हो जाता है और  उन्हें बार-बार पेशाब तथा टॉयलेट जाना पड़ता है। परंतु टॉयलेट करते समय यदि आप ज्यादा जोर लगाने की कोशिश करते हैं तो पेट की आग पर तनाव निर्माण होता है जिससे हर्निया के टांके निकलने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में अपने पेट का ध्यान रखें और पेशाब तथा टॉयलेट के समय जोर न लगाएं जिससे आपके टांके सुरक्षित रहने में मदद मिलेगी। विशेषता हर्निया ऑपरेशन के बाद सावधानियों में इस बात का  विशेष ध्यान रखे


    3. कब्ज को नजरअंदाज ना करें

    हर्निया ऑपरेशन के बाद  यदि आपको बार बार खांसी आ रही है वह तुरंत डॉक्टर को बताएं।  क्योंकि खांसी आने से पेट का ऐप डोमन प्रेशर बढ़ जाता है जिसकी वजह से शरीर के टांके निकलने की संभावना होती है।   इसके अलावा  पेट खराब ना हो यह बात ध्यान में रखें क्योंकि  पेट खराब होने से आपको बार-बार शौचालय जाना पड़ सकता है और शौचालय में  ज्यादा प्रेशर से पेट के टांके टूटने का खतरा रहता है। कब्ज से बचने के लिए इसबगोल पाउडर का सेवन कर सकते है जिससे कब्ज की परेशानी कम होगी।


    4. पार्टनर के साथ एक महीना संभोग ना करें

    हर्निया ऑपरेशन के बाद क्या सावधानी रखनी चाहिए तथा हर्निया सर्जरी के बाद सेक्स कब शुरू करे यह सवाल से काफी परेशान रहते है यदि आपका अभी-अभी हर्निया का ऑपरेशन हुआ है तो हर्निया सर्जरी के 2 महीने तक संभोग ना करें। क्योंकि ऐसा करने से आपका दर्द ज्यादा बढ़ेगा तथा बिछाई गई हर्निया की जाली खिसकने की संभावना रहती है। इसलिए ऑपरेशन के 2 महीने के बाद धीरे-धीरे संभोग करना शुरू कर सकते हैं।


    5. दारु सिगरेट गुटका का सेवन ना करें

    अक्सर कुछ लोगों को नशे का सेवन करने की आदत रहती है। परंतु यदि हर्निया का ऑपरेशन हुआ है तो गुटखा, तंबाकू, सिगरेट, दारू, मध्यपान आदि अन्य नशे  का सेवन करना बंद करें। क्योंकि यह हानिकारक  चीजें हर्निया  का स्वास्थ्य  सुधारने में बाधा ला सकती है, जिसके कारण हर्निया के ऑपरेशन में इंफेक्शन का खतरा बढ़ने की संभावना रहती है और स्वास्थ्य बिगड़ने लगता है। इसके अलावा नशे का सेवन करने से हर्निया दोबारा होने की संभावना रहती है। इसीलिए  गुटखा तथा नशे का सेवन ना करें।


    6. हर्निया बेल्ट का इस्तेमाल करें 

    ओपन हर्निया सर्जरी  के बाद दर्द की संभावना अधिक रहती है जिसके कारण डॉक्टर हर्निया बेल्ट पहनने की सलाह देते हैं। यह हर्निया बेल्ट नाभि से लेकर जांघ तक के हिस्से को अनावश्यक हलचल से सुरक्षित रखता है ताकि पेट में बिछाई गई जाली (Hernia Net) सुरक्षित रह सके। लगभग 2-3 हफ्ते के बाद दर्द कम होता है और जाली मजबूत होने लगती है जिसके बाद हर्निया बेल्ट निकाल सकते हैं। 


    7. पेट का व्यायाम ना करें

    हर्निया सर्जरी के बाद पेट पर तनाव आए ऐसा किसी भी प्रकार का व्यायाम ना करें। अक्सर लोगों को जानकारी ना होने के कारण वह पेट की एक्सरसाइज करते हैं जिसके कारण  हर्निया के टांके निकलने की संभावना  बढ़ जाती है और हर्निया द्वारा उत्पन्न होने का खतरा रहता है। हर्निया ऑपरेशन के बाद  आप धीरे-धीरे चलना शुरू कर सकते हैं  जिसके कारण पेट की जकड़न कम होगी और आप का दर्द कम होने लगेगा।  परंतु ध्यान रहे हर्निया ऑपरेशन के बाद पेट की एक्सरसाइज लगभग 2-3 महीने के बाद शुरू करें। हर्निया ऑपरेशन के बाद सावधानियां बरखने में यह एक महत्वपूर्ण जानकारी है।


    8. हल्का खाना खाए

    ऑपरेशन के बाद पेट भर भोजन करना यह अनुचित तरीका है अक्सर लोग पेट भर खाना खाते हैं जिसके कुछ समय बाद उन्हें उल्टी जैसा लगता है। यदि हर्निया के ऑपरेशन  के बाद यदि आपका पेट दर्द करता है तो भोजन में हाई फाइबर डाइट और हलका आहार लें जैसे उपमा, खिचड़ी, सूजी, दाल का पानी आदि  पदार्थ का सेवन करें। ध्यान रहे भोजन में ज्यादा तीखा तथा ज्यादा मसालेदार  खाने का सेवन ना करें क्योंकि  इससे पेट में जलन हो सकती है तथा पेट खराब होने की संभावना होती है और कब जैसी समस्या उत्पन्न हो सकती है। लगभग ऑपरेशन के 2 से 3 महीने के बाद आपका शरीर डेली रूटीन में आने के बाद आप अपनी मनपसंद पदार्थ का सेवन कर सकते हैं।


    9. फलों का सेवन करें

    हर्निया ऑपरेशन के बाद सावधानियां बरखना बेहद जरुरी है. इसमे हर्निया ऑपरेशन के बाद क्या खाए और क्या न खाए यह सवाल आता है. जानकारी के लिए बता दू  फल और सब्जियां यह हाई फाइबर का उच्च स्त्रोत है। ऑपरेशन के बाद फलों का सेवन  करने से पेट में कब्ज (constipation) जैसी समस्या कम होती हैजिसके कारण हर्निया पर प्रेशर कम रहता है और टांके खुलने की आशंका कम हो जाती है। इसके आलावा 3-4 महीने मांस, मच्छी, अंडा आदि गरम चीजो का सेवन ना करे।


    10. भरपूर मात्रा में पानी पिए 

    सर्जरी के बाद पेट साफ रहने के लिए भरपूर मात्रा में पानी पिए जिससे पेट साफ रहने में और  हाइड्रेशन बनाये रखने में मदत मिलती है, जिसके कारन पेट में  लगाए गए टांके पर प्रेशर कम रहता है। भरपूर मात्रा में पानी पीने से पेट का पाचन तंत्र निश्चित रूप में कार्य करने में मदद करता है जिसके कारण पेट दर्द जैसी समस्या उत्पन्न नहीं होती और  पेट पर आंतरिक तनाव कम रहने में मदद मिलती है और टांके निकलने की संभावना कम हो जाती है।


    11. डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाइयों का सेवन करें

    अक्सर हर्निया ऑपरेशन के बाद कुछ दिन तक दर्द होता है  जिसके लिए डॉक्टर की दी हुई दवाइयों का नियमित सेवन करना जरूरी है। डॉक्टर द्वारा किया गया हर्निया ऑपरेशन के बाद सावधानियां कौन सी है यह बात डॉक्टर से जरूर जान ले। तथा उनके बताए गए नियमों का पालन करें और नियमित चेकअप  करें। और यदि किसी प्रकार की परेशानी होती है तो, बिना घबराए डॉक्टर को जरूर बताएं।



    "स्वास्थ्य ही जीवन की असली पूंजी है।"- Health Quotes

    आज हमने क्या सीखा

    अक्सर लोग हर्निया का सफल इलाज क्या है? और हर्निया का आयुर्वेदिक इलाज  के बारे में ढूंढते रहते है. लेकिन जानकारी के लिए बता दू हर्निया का कोई आयुर्वेदिक इलाज नही है हर्निया का इलाज केवल ऑपरेशन द्वारा ही ठीक किया जा सकता है जैसा कि आपने हर्निया ऑपरेशन के बाद सावधानियां के बारे में जाना जिसका पालन करके हर्निया को दोबारा होने से बचाया जा सकता है और हर्निया के स्वास्थ्य में जल्दी सुधार आने में मदद मिलती है। ज्यादातर दिन भर बैठे रहने के कारण तथा व्यायाम ना करने के कारण पेट की समस्या निर्माण होती है। यदि आपके नाभि के हिस्से में तथा जांघ के हिस्से में किसी प्रकार का दर्द हो रहा है तो तुरंत डॉक्टर की सलाह ले और अनुभवी डॉक्टर से हर्निया का ऑपरेशन करे ताकि हर्निया दुबारा होने की संभावना ना रहे


    उम्मीद करता हूं दोस्तों हमारा लिखा गया यह पोस्ट हर्निया ऑपरेशन के बाद सावधानियां । हर्निया का ऑपरेशन कैसे होता है  आपको जरूर पसंद आया होगा हर्निया सर्जरी के बारे में आपकी क्या राय है कमेंट में जरूर बताएं।

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